KYUN TUM SA HO JAUN ME
Synopsis
बाल कविताओं के इस संग्रह के माध्यम से बाल मन की अनुभूतियों, जिज्ञासाओं और व्यवहारों को अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है। इन कविताओं में बच्चों पर बड़ों की सीख थोपने की मंशा के बजाय उनकी खुद की नजरों से दुनिया को देखने, उसमें हस्तक्षेप करने की कोशिशों व संभावनाओं को टटोलने और चित्रित करने का प्रयास किया गया है। संग्रह के नामकरण में ही नहीं बल्कि कई कविताओं में भी बच्चों के मौलिक, अद्भुत और अद्वितीय व्यक्तित्व को मान्यता दी गई है। यदि इन कविताओं में कहीं कोई सीख या उद्देश्य निहित हैं भी तो वह बस हमारी नई पीढ़ी में वैज्ञानिक-लोकतांत्रिक मूल्यों, समझ व व्यवहार को मजबूत बनाने से संबंधित ही हैं। इन कविताओं में बाल मनोविज्ञान को समझने और इन्हें शिक्षणशास्त्रीय संदर्भों में प्रयोग करने की मजबूत संभावना भी है। उम्मीद है कि यह किताब बाल साहित्य की दुनिया में अपनी मजबूत उपस्थिति कराएगी और बच्चों सहित बड़ों को भी पसंद आएगी।
Publisher information
- Publisher: Repro India Limited
- ISBN: 9789390916900
- Number of pages: 96
- Dimensions: 216 x 140 x 6 mm
- Weight: 245g
- Languages: Hindi
