Dream Mother
Synopsis
पुस्तक ड्रीम मदर के सन्दर्भ में जब हम छोटे होते हैं तब सबसे अच्छा दोस्त हमारी मां होती हैं, जो हमें कहानियाँ सुनाती हैं, लोरियाँ सुनाती हैं, लाड़ दुलार करती हैं और डाँटती भी हैं तो थपकी भी देती है आगे बढ़ने के लिए। इसी तरह उम्र जब बढ़ती है तो जो प्यार हमें बचपन में मिला अब वह हम किसी और में ढूढ़ने लगते हैं, दरअसल यह तलाश सिर्फ वहीं नहीं रुकती है, ताउम्र चलती है। किसी को चाहने,अपना बनाने की, अपनी बात बताने की। जो हमारी सुने, हमारा सहारा बने। जिस से मिलके सारी थकान ख़त्म हो जाए। बुजुर्गों को अक्सर शिकायत रहती है कि युवा पीढ़ी उनके पास बैठती नहीं। युवा दो घड़ी बात भी नहीं करते। मिलते भी हैं तो हाल चाल पूछ कर चले जाते हैं। उनकी सुनते नहीं। और ये समस्या ख़ास तौर पर तो वर्तमान समय में तकनीक या मोबाईल के कारण अत्यधिक है। ऐसे अकेलेपन से जूझती किसी के तलाश की कहानी है, ड्रीम मदर। अगर सच में ऐसा कोई शख्श है जिसको हम सब कुछ कह सके तो वर्तमान समय में मनोरोग या तनाव न हो। तो अब सवाल उठता है कि क्या तलाश ये पूरी होती है ? क्या वह ड्रीम मदर उम्र के हर पड़ाव पर मिलती है या नहीं ?
Publisher information
- Publisher: Repro India Limited
- ISBN: 9788196353513
- Number of pages: 188
- Dimensions: 216 x 140 x 11 mm
- Weight: 245g
- Languages: Hindi
