Antardhwani (अंतर्ध्वनि)
Paperback Published on: 23/02/2026; Language: Hindi
Price: £11.99
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Synopsis
हिंदी साहित्य में एम ए उत्तीर्ण करने के पश्चात श्रीमती स्मृति श्रीवास्तव ने अपना सम्पूर्ण समय हिन्दी एवं भारतीय संस्कृति के प्रचार प्रसार को समर्पित किया। इनका दृढ़ विश्वास है कि भाषा, कला और परंपरा का भविष्य युवा पीढ़ी के योगदान पर निर्भर है रूप में नई दिल्ली के सेंट थॉमस स्कूल में विभिन्न वर्गों का हिंदी तथा संस्कृत में 20 वर्ष मार्गदर्शन किया है। तथा इसी विचार को साकार करने के लिए इन्होंने अध्यापिका के साथ ही दिल्ली विश्विद्यालय के नेत्रहीन छात्रों के लिए दुर्लभ पुस्तकों के पाठों को पढ़ कर सुनाने और उनको रिकॉर्ड करने का भी कार्य किया और जरूरतमंद महिलाओं की सहायता के लिए दिल्ली की गरीब बस्तियों में भी जाती रहीं।
अपनी कविताओं में इन्होंने जीवन के सभी पहलुओं को उजागर करने का प्रयत्न किया है। उसमें भक्ति रस की कविताएं, भारत की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में देश के पर्व और त्यौहार, प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन तथा देशप्रेम की भावनाओं से सिंचित शौर्य गाथाओं के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण तथा प्रकृति के दोहन शोषण की पीड़ा तथा बदलते सामाजिक परिवेश से संबंधित भावनाओं पर भी कविताएं हैं। इसके पहले लेखिका के 'प्रतिबिंब तथा अभिव्यक्ति' शीर्षक से दो एकल काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। प्रस्तुत तीसरे काव्यसंग्रह 'अंतर्ध्वनि' के मुखपृष्ठ तथा अन्य पृष्ठों के सभी चित्र लेखिका के द्वारा ही बनाए गए हैं।
लेखिका हिंदी साहित्य सम्मेलन, काव्य कला मंच, लम्हे जिंदगी के, द न्यू भारत काव्यांजलि, एशियन लिटररी सोसायटी, अखिल भारतीय सर्व भाषा संस्कृति समन्वय समिति आदि संस्थाओं से जुड़ी हुई हैं और विभिन्न अवसरों पर सम्मानित होती रही हैं।
'अन्तर्ध्वनि में जीवन की विविध रश्मियां परावर्तित होकर अपने अपने इंद्रधनुषी रंग बिखेरती हैं।
Publisher information
- Publisher: Repro India Limited
- ISBN: 9789374767290
- Number of pages: 178
- Dimensions: 216 x 140 x 10 mm
- Languages: Hindi
