नागबंधन: मुक्ति का श्राप
Paperback Published on: 16/02/2026; Language: Hindi
Price: £16.49
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Synopsis
नागबंधन मुक्ति का श्राप
कुछ बंधन श्राप होते हैं... और कुछ श्राप ही मुक्ति बन जाते हैं।
एक जंगल, जो दुनिया की नज़रों से छुपा है। एक विशाल नाग, जो क्रोध का रूप है। और एक लड़की शिवांशी-जिसका विश्वास नियति का रुख बदलने वाला है।
जब अतीत का बंधन वर्तमान से टकराता है, और स्वयं महादेव कह देते हैं- "मैं नियति के बीच नहीं आ सकता," तब निर्णय एक साधारण इंसान को ही लेना होता है।
क्या प्रेम, विष से भरे श्राप को मुक्ति में बदल सकता है? क्या भक्ति, बिना किसी विधि-विधान के भी ईश्वर तक पहुँच सकती है?
नागबंधन मुक्ति का श्राप - भय, भक्ति और प्रेम की एक अद्भुत दास्तान।
Publisher information
- Publisher: Simran
- ISBN: 9798232568870
- Number of pages: 280
- Dimensions: 216 x 140 x 16 mm
- Languages: Hindi
